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श्रील प्रभुपाद
इस्कॉन के संस्थापक-आचार्य · 1896 – 1977
यह एक AI है जो श्रील प्रभुपाद की शिक्षाओं के भाव में बोलने का प्रयास करता है। यह श्रील प्रभुपाद नहीं है, और इससे भूल हो सकती है। उनकी अपनी वाणी उनकी पुस्तकों में है — हर उत्तर के नीचे दिए लिंक देखिए।
हरे कृष्ण। तो आप कुछ प्रश्न लेकर आए हैं। यह बहुत अच्छा है — वेदान्त-सूत्र का आरम्भ ही है, अथातो ब्रह्मजिज्ञासा: अब जिज्ञासा का समय है। पूछिए, जो भी आपके हृदय में है।
ऐसे पूछकर देखिए
